राकेश भारती प्रधान संपादक CG आज की आवाज न्यूज कुसमी/बलरामपुर।
लगभग 10 वर्षों से आई टी आई छात्रावास भवन में ही संचालित हो रहा है आई टी आई कुसमी की प्रशिक्षण संस्थान, नसेड़ी,जुआड़ी सहित असामाजिक व्यक्तियों का बसेरा बना कुसमी /सेमरा आई टी आई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2011/12 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भाजपा के शासन काल में कुसमी सेमरा में लगभग 2 करोड़ 11 लाख 80 हजार रुपए की राशि कुसमी सामरी आई टी आई भवन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई थी ,जिसमें लोक निर्माण विभाग कुसमी के द्वारा निविदा के माध्यम से इस भवन का निर्माण कार्य 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज दिनांक 17/4/26 तक यह भवन निर्माणाधीन अवस्था में पड़ा हुआ है, इस भवन के कुछ ही दिन बाद आई टी आई छात्रावास की स्वीकृति शासन द्वारा दी गई जो कब का बन कर तैयार हो चुका है , जिस आई टी आई छात्रावास भवन में ही कुसमी /सेमरा में लगभग 10 वर्ष से प्रशिक्षण संस्थान संचालित की जा रही है ।
प्रभारी प्राचार्य आई टी आई कुसमी सेमरा बृज नंदन नागवंशी ।
कुसमी प्रभारी प्राचार्य बृजनंदन नागवंशी से मीडिया से चर्चा करते समय इस के बारे में बताया गया कि इस भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि यह भवन अभी निर्माणाधीन है , सही गुणवत्ता के साथ इस भवन को नहीं बनया गया है , यहां पानी की असुविधा है, साथ ही भवन में कई जगह दीवारों पर बड़े बड़े दरार आ गया है , साथ ही बिजली फिटिंग इस भवन में कराया गया था मगर उसे चोर चुराकर ले गए , यह भवन कभी भी गिर सकता है , जिसके चलते भविष्य में बहुत बड़ी दुर्घटना घटित हो सकता है , इस भवन को मैं हैंड ओवर नहीं लूंगा ।
लोक निर्माण विभाग कुसमी एस डी ओ ज्योतिष कुमार तिग्गा ।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग कुसमी के एस डी ओ ज्योतिष कुमार तिग्गा से बात चित करने पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया गया कि विभाग द्वारा गुणवत्ता के साथ इस भवन को बनाया गया है, भवन गिरने की बात प्राचार्य जो कह रहे है यह गलत बोल रहे है , इस भवन में पुटी, इलेक्ट्रिकफिकेशन सहित सभी रूम को अच्छे से तैयार कर दिया गया था , आई टी आई प्राचार्य के द्वारा बोला गया था कि मेरे पास 2 चौकीदार है , जिसमें से एक चौकीदार आई टी आई भवन में देख रेख करेगा मगर उनके द्वारा कभी इस भवन का देख रेख नहीं किया गया , जिसके चलते आई टी आई भवन में लगा हुआ काफी कीमती इलेक्ट्रिफिकेशन के सभी समान चोर चुरा कर ले गए , देखते है अब क्या हो सकता है, पानी की भी कमी प्राचार्य द्वारा बताया जा रहा है तो अगल बगल में बोर है वहां से पानी लेकर काम चलाया जा सकता है ।





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