राकेश भारती प्रधान संपादक CG आज की आवाज न्यूज कुसमी/बलरामपुर ।
उरांव समाज की एकजुटता का संदेश बना विशाल माघे पुनई पड़हा जतरा महोत्सव।
मूली पड़हा बरही क्षेत्र अंतर्गत भूलसी, करमी उरांव टोली, उमको विकासखंड (शंकरगढ़) में विशाल माघे पुनई पड़हा जतरा महोत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह सामाजिक कार्यक्रम माघ पूर्णिमा के पश्चात फागुन माह के शुभारंभ और वर्ष के अंतिम महीने की खुशी के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता, एकता और सशक्तिकरण का संदेश देना रहा।
इस कार्यक्रम के मुख्य अध्यक्ष आदिवासी नेता एवं कुसमी नगर अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भगत रहे।
कार्यक्रम के आयोजनकर्ता अध्यक्ष उरांव कुड़ुख समाज तपेश्वर भगत रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बसंत कुमार भगत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत से पूर्व करमी नदी तट से भव्य बाइक रैली निकाली गई, जिसमें पारंपरिक संगीत व वाद्य यंत्रों के साथ समाजजन कार्यक्रम स्थल मंच तक पहुंचे। तत्पश्चात मंच पर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर स्व. भीखाराम भगत, राजी देवान राजी पड़हा, स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद वीर बुद्धू भगत एवं बाबा कार्तिक उरांव के छायाचित्र पर पुष्प, दीप एवं अगरबत्ती अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद समाज के प्रमुखजनों का पुष्पमाला पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में बच्चों द्वारा संगीत एवं नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं। सबसे पहले आयोजन स्थल ग्राम के बच्चों ने प्रस्तुति दी, जिससे प्रभावित होकर कांग्रेस नेता विजय पैकरा ने बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
इसके साथ ही प्रभु राम भगत एवं अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भगत द्वारा भी बच्चों को राशि देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
शंकरगढ़, महुआडीह, सन्ना एवं भूलसी गांव के बच्चों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्हें मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
*नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भगत —*
आज उरांव आदिवासी समाज एकजुट होकर यह संदेश देना चाहता है कि हम सब मिलकर अपने समाज को आगे बढ़ाएंगे। आदिवासी महिलाओं, बच्चों और हसदेव जंगल जैसे कई उदाहरण बताते हैं कि आदिवासियों पर दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को जागरूक और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।
*मुख्य अतिथि बसंत कुमार भगत —*
समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचे, हमारे बच्चे, बुजुर्ग सभी सचेत हों—इसी उद्देश्य से ऐसे सामाजिक आयोजन आवश्यक हैं।



0 Comments